श्री गेबी हनुमान हिंगलू चोला और सिंदूर अर्पण
यह विशेष चढ़ावा उज्जैन के अति प्राचीन और चमत्कारी श्री गेबी हनुमान जी (जिन्हें डॉक्टर हनुमान भी कहा जाता है) को समर्पित है। इस अनुष्ठान में बजरंगबली की स्वयंभू प्रतिमा पर पारंपरिक हिंगलू (विशेष लाल सिंदूर) और सुगंधित चमेली के तेल का लेपन कर नए चोले और चांदी के वर्क का श्रृंगार किया जाता है। साथ ही विधिवत रूप से भोग अर्पित किया जाता है।
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चढ़ावा का महत्व :
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बजरंगबली को चोला चढ़ाना अत्यंत शुभ माना जाता है, जिससे जीवन की सभी बाधाएं समाप्त होती हैं।
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मंगलवार और शनिवार के दिन उज्जैन के इस पावन मंदिर में चोला अर्पित करने का विशेष फल प्राप्त होता है।
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यह अनुष्ठान भगवान हनुमान को अति प्रिय है, जिससे उनकी कृपा सीधे भक्त पर बरसती है।
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आध्यात्मिक महत्व :
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यह सेवा भक्त और भगवान के बीच अटूट समर्पण और विश्वास का प्रतीक है।
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स्वयंभू विग्रह पर हिंगलू व चमेली तेल का लेपन आंतरिक शक्ति, साहस और दिव्य ऊर्जा को जागृत करता है।
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मन और आत्मा को शुद्ध कर नकारात्मक विचारों से मुक्ति दिलाने में यह अनुष्ठान सहायक है।
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चढ़ावा के लाभ :
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स्वास्थ्य लाभ, शारीरिक कष्टों और पुरानी बीमारियों से मुक्ति मिलती है (मान्यता के अनुसार इन्हें 'डॉक्टर हनुमान' कहा जाता है)।
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शनि की साढ़ेसाती, ढैया और अन्य अशुभ ग्रहों के प्रभावों से राहत मिलती है।
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जीवन के हर क्षेत्र में विजय, साहस, पारिवारिक शांति और सुरक्षा कवच का आशीर्वाद प्राप्त होता है।
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चढ़ावा का निष्कर्ष:
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पावन नगरी उज्जैन स्थित श्री गेबी हनुमान जी के चरणों में अर्पित यह हिंगलू चोला सेवा आपके जीवन के संकटों को दूर कर सुख, समृद्धि और उत्तम स्वास्थ्य का मार्ग प्रशस्त करती है।