ज्येष्ठ महादान पर्व: जून 2026 की शुभ तिथियाँ
11 जून 2026 (गुरुवार) — परमा एकादशी
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विवरण: ज्येष्ठ/आषाढ़ कृष्ण पक्ष की परम फलदायी एकादशी तिथि।
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धार्मिक महत्व: इस भीषण गर्मी के समय में अन्न (भोजन) और जल (पानी) का पक्षियों के लिए दान करना सर्वश्रेष्ठ माना गया है।
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पुण्य लाभ: इस दिन दान करने से व्यक्ति को घोर दरिद्रता से मुक्ति मिलती है, व्यापार और नौकरी में आ रही आर्थिक तंगी दूर होती है।
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अन्नदान (भोजन सेवा): - ₹
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पक्षियों के लिए दान: - ₹
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15 जून 2026 (सोमवार) — अमावस्या और मिथुन संक्रांति
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विवरण: सोमवार के अद्भुत संयोग के साथ अमावस्या तिथि और सूर्य देव का मिथुन राशि में प्रवेश।
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धार्मिक महत्व: यह दिन पितरों के निमित्त तर्पण, पिंडदान और दान-पुण्य के लिए साल के सबसे उत्तम दिनों में से एक है।
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पुण्य लाभ: इस दिन किए गए दान से पितृ दोष शांत होता है। पितरों के आशीर्वाद से वंश की वृद्धि होती है
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वस्त्रदान: - ₹
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गौ सेवा (गौ ग्रास): - ₹
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25 जून 2026 (गुरुवार) — निर्जला एकादशी
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विवरण: ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी, जिसे सनातन धर्म में सबसे कठिन और सर्वश्रेष्ठ व्रत-दान का दिन माना गया है।
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धार्मिक महत्व: इस दिन प्यासे को शीतल जल पिलाना, छाता, सूती वस्त्र का दान महापुण्यकारी है।
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पुण्य लाभ: बिना पानी के रखे जाने वाले इस व्रत और दान से वर्ष भर की सभी 24 एकादशियों का पुण्य फल एक साथ मिल जाता है। इससे आरोग्य (अच्छा स्वास्थ्य), दीर्घायु और अंत में मोक्ष की प्राप्ति होती है।
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जल दान सेवा: - ₹
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सूती वस्त्र: - ₹
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गीता या धार्मिक पुस्तकों का दान: - ₹
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29 जून 2026 (सोमवार) — ज्येष्ठ पूर्णिमा
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विवरण: ज्येष्ठ मास की पूर्णिमा तिथि, जो चंद्रमा और मां लक्ष्मी की पूजा के लिए विशेष है।
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धार्मिक महत्व: इस शुभ दिन पर गरीबों, ब्राह्मणों और जरूरतमंदों को अन्न, वस्त्र और शीतल जल का दान अवश्य करना चाहिए।
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पुण्य लाभ: पूर्णिमा का दान कुंडली के चंद्र दोष को दूर करता है। इससे मानसिक तनाव से मुक्ति मिलती है, मन शांत होता है और तिजोरी हमेशा धन-धान्य से भरी रहती है।
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वस्त्रदान: - ₹
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जल दान सेवा: - ₹
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अन्न दान सेवा: - ₹